Blog YouTube Twitter Facebook Follow
us on
Skype
Affiliated To: CSJMU, Kanpur
स्थापित वर्ष: 1988

प्रवेश नियम (बी० ए०)

स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर प्रवेश के सम्बन्ध में महामहिम राज्यपाल उ० प्र०, उच्च शिक्षा निदेशालय उ० प्र० एवं विश्वविद्यालय से प्राप्त नियमों/निर्देशों का पालन किया जायेगा |
इस महाविद्यालय में बी० ए० प्रथम वर्ष में निम्नलिखित नियमों के आधार पर प्रवेश दिया जायेगा –
1. प्रवेश मेरिट के आधार पर होगा | प्रत्येक विषय में प्रवेश हेतु सीटें निर्धारित है | छात्राओं को विशेष परिस्थिति में मेरिट पर प्राचार्य द्वारा 5 प्रतिशत की छूट दी जा सकती है |
2. इस महाविद्यालय के बी० ए० , एम० ए० की कक्षाओं में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को उसी कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जायेगा |
3. जिन प्रवेशार्थियों ने इण्टर परीक्षा वर्तमान सत्र में संस्थागत छात्र के रूप में उत्तीर्ण किया है |
4. दूसरे महाविद्यालय के अनुत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश नही दिया जायेगा | इसी वर्ष इण्टर उत्तीर्ण छात्रों को ही प्रवेश अनुमन्य होगा |
5. अनुशासन मंडल की राय से जिन छात्रों की गतिविधियाँ अवांछनीय है, उन्हें प्रवेश नहीं दिया जायेगा |
6. प्रवेश समिति किसी छात्र/ छात्रा को बिना कारण बताएं प्रवेश देने से मना कर सकती हैंं |
7. आवेदन पत्र की प्रविष्टियों को विधिवत पूर्ति कर निर्धारित तिथि तक महाविद्यालय कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा करके रसीद प्राप्त कर लें अथवा रजिस्टर्ड डाक (ए० डी०) द्वारा भेजे | निर्धारित समय के बाद प्रस्तुत किये जाने अथवा साधारण डाक से प्राप्त होने वाले आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किये जायेंगे |
8. उपर्युक्त प्रावधानों मे उत्तर प्रदेश शासन अथवा सम्बंधित विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत नियमों के अंतर्गत परिवर्तन किया जा सकता है |

प्रवेश नियम (एम० ए०)

1. प्रवेश मेरिट के आधार पर होगा |
2. एम० ए० प्रथम वर्ष में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पुनः उसी कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जायेगा | इसी प्रकार एम०ए० द्वितीय वर्ष में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को पुनः उसी कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा|
3. दूसरे महाविद्यालयों से एम० ए० प्रथम या द्वितीय वर्ष में अनुत्तीर्ण छात्र/छात्राओं को प्रवेश नही दिया जायेगा |
4. बी० ए० की परीक्षा अनुत्तीर्ण करने के पश्चात एक वर्ष से अधिक व्यवधान वाले विद्यार्थी को प्रवेश नहीं दिया जायेगा |
5. महाविद्यालय की अनुशासन मण्डल की दृष्टि में गतिविधियाँ अवांछनीय है, उन्हें प्रवेश नहीं दिया जायेगा |
6. प्राचार्य संदिग्ध किसी छात्र/छात्रा को बिना कारण बतायें प्रवेश देने से मना कर सकती हैं |
7. उपर्युक्त प्रावधानों में उत्तर प्रदेश शासन अथवा सम्बंधित विश्विद्यालय द्वारा निर्गत नियमों की अंतर्गत परिवर्तित किया जा सकता है |